China Ko Jawab | Sonam Wangchuk | Boycott China Why?

0
34
Sonam Wangchuk China Ko Jawab,China Ko Jawab,Boycott China,Ban Chinese Products,Ban TikTok,Vocal For Local,सोनम वांगचुक,चीन को जवाब,चीन का बहिष्कार क्यों करे ?

China Ko Jawab Sonam Wangchuk  – सोनम वांगचुक (जन्म 6 सितंबर 1966) भारतीय इंजीनियर, इनोवेटर और शिक्षा सुधारक हैं। वह लद्दाख (SECMOL) के छात्रों के शैक्षिक और सांस्कृतिक आंदोलन (Students’ Educational and Cultural Movement of Ladakh) के संस्थापक निदेशक हैं, जिसकी स्थापना 1988 में उन छात्रों के एक समूह द्वारा की गई थी, जो अपने शब्दों में लद्दाख में विस्थापित एक विदेशी शिक्षा प्रणाली के ‘पीड़ित’ थे। वह SECMOL (Students’ Educational and Cultural Movement of Ladakh) परिसर को डिजाइन करने के लिए भी जाना जाता है जो सौर ऊर्जा पर चलता है और खाना पकाने, प्रकाश या हीटिंग के लिए जीवाश्म ईंधन का उपयोग नहीं करता है। फिल्म 3 इडियट्स भी उनसे ही प्रेरित है, जिसमे उनसे मिलता जुलता किरदार आमिर खान ने निभाया है।

चर्चा में इसलिए ‘China Ko Jawab-Sonam Wangchuk” 
चीन का बहिष्कार क्यों करे ?

भारत-चीन के बीच बढ़ते सीमा विवाद में चीन की ओर से लगातार विवाद करने,सीमा में कई किलोमीटर तक घुस आने से और सैनिकों के साथ झड़प करने से हर भारतवासी के दिल में चीन के प्रति रोष की भावना है। हर कोई चीन को सबक सिखाना चाहता है। इसी बीच सोनम वांगचुक ने चाइना को सबक सिखाने के लिए और चाइना को अपनी गलती का अहसास कराने के लिए सभी देशवासियों से अपील की है कि सभी भारतवासी अब से चाइना प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना बंद करें और भारतीय प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना शुरू करें ताकि चाइना को अहसास हो की उसने भारत के प्रति गलत कदम उठाके गलती की है।
सोनम वांगचुक ने ये भी कहा है कि हम तत्काल प्रभाव से चाइना प्रोडक्ट्स को काम में लेना बंद नहीं कर सकते लेकिन हम एक सप्ताह में चीनी ऐप्स (Tiktok,Xender,ShareIt etc.) को अपने फ़ोन से रिमूव करें और एक साल के भीतर उसके इलेक्ट्रॉनिक्स सामान (MI,Oppo,Vivo etc.) को अपने आसपास से हटा दें। कहने का मतलब ये है कि हम एक सप्ताह का समय लेके चीनी सॉफ्टवैयर्स को अपने मोबाइल से रिमूव कर दें और एक साल के समय में सारे चीनी हार्डवेयर्स (जैसे कि मोबाइल लैपटॉप इत्यादि) को काम में लेना बंद कर दें।
सोनम वांगचुक का कहना है कि हमें चीन या चीनी लोगों से परेशानी नहीं है बल्कि चीनी सरकार से है जो कि भारत की सीमाओं पर विवाद बढ़ा रही है और भारत में तनाव बढ़ा रही है।
sonam wangchuk

सोनम वांगचुक का शुरूआती जीवन-

सोनम वांगचुक का जन्म 1966 में लद्दाख के लेह जिले में अलची के पास उलेतोकपो में हुआ था। उन्हें 9 साल की उम्र तक एक स्कूल में दाखिला नहीं मिला था, क्योंकि उनके गांव में कोई स्कूल नहीं थे। उनकी माँ ने उन्हें अपनी मातृभाषा में उस उम्र तक सभी बुनियादी बातें सिखाईं। वांगचुक खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि उन्हें विदेशी भाषाओं में स्कूली शिक्षा देने से रोका गया, जिसे अन्य लद्दाखी बच्चों को सीखने के लिए मजबूर किया गया था।
उनके पिता सोनम वांग्याल, एक राजनेता जो बाद में राज्य सरकार में मंत्री बने, श्रीनगर में तैनात थे। 9 साल की उम्र में, उन्हें श्रीनगर ले जाया गया और वहाँ एक स्कूल में दाखिला लिया।
स्कूल के बाद वांगचुक ने अपना बीटेक 1987 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी श्रीनगर (तब आरईसी श्रीनगर) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पूरा किया। इंजीनियरिंग स्ट्रीम की पसंद को लेकर अपने पिता के साथ मतभेदों के कारण, उन्हें अपनी शिक्षा के लिए खुद ही पैसे लगाने पड़े। उन्होंने 2011 में ग्रेनोबल, फ्रांस में क्रेटर स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर में मिट्टी के आर्किटेक्चर में दो साल के उच्च अध्ययन के लिए भी गए।

वांगचुक 1994 में ऑपरेशन न्यू होप के शुभारंभ में सहायक था, जो सरकारी स्कूल प्रणाली में सुधार लाने के लिए सरकार, ग्राम समुदायों और नागरिक समाज का एक सहयोग था। उन्होंने बर्फ के स्तूप तकनीक का आविष्कार किया जो कृत्रिम हिमनद बनाता है, जिसका उपयोग शंकु के आकार के बर्फ के ढेर के रूप में सर्दियों के पानी के भंडारण के लिए किया जाता है।

सोनम वांगचुक भारत देश के उन महान लोगों में से एक हैं जिन्होंने देश की प्रतिष्ठा और मान सम्मान को अपने कार्यों से ऊँचाई दी है। उनको कई तरह के सम्मान और पुरस्कार मिल चुके हैं। इस समय उन्होंने चाइना को सबक सिखाने के लिए भारतीयों से अपील की है कि चाइना में बनी हुई चीजें न खरीदें क्योंकि चाइना की खपत भारत में ही ज्यादा होती है और फिर भी चाइना भारत पर हमेशा से ही टेढ़ी नजरें गड़ाता रहा है।

पुरस्कार और सम्मान-

Governor’s Medal for educational reform in Jammu & Kashmir, 1996
Man of the Year by The Week, 2001
Ashoka Fellowship for Social Entrepreneurship, by Ashoka USA, 2002
The Green Teacher Award by Sanctuary Asia, 2004
Real Heroes Award by CNN-IBN TV, 2008
UNESCO Chair Earthen Architecture, by CRATerre France, 2014
International Terra Award for best earth building, 2016
Rolex Award for Enterprise, 2016
State Award for outstanding environmentalist by J&K Govt., 2017
Global Award for Sustainable Architecture, 2017
GQ Men of the Year Awards, Social Entrepreneur of the Year, 2017
Indians for Collective Action (ICA) Honor Award 2017, San Francisco, CA
Eminent Technologist of the Himalayan Region by IIT Mandi, 2018
Ramon Magsaysay Award, 2018